पढ़िए क्या कह रही है रिपब्लिक के हेड अर्नब गोस्वामी की कुंडली,ज्योतिष से जानिये अर्नब का भविष्य

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अरनव गोस्वामी के तेवर और उनकी तीखी पत्रकारिता को समझना हो तो अरनव की लग्न कुंडली में #बृहस्पति_के_नीच_भंग_राजयोग को समझना पड़ेगा। केंद्र में बैठे हुए बृहस्पति के इस राजयोग के बारे में भारतीय ऋषियों ने कहा है कि ऐसा जातक बिल्कुल जमीन से उठकर आसमान की ऊंचाई तक का सफर तय करता है।

बृहस्पति की महादशा के दौरान अरनव ने पत्रकारिता में प्रवेश किया और उनकी नीव गहराई तक मजबूती से जमती चली गई। बाद में शनि की महादशा में उसने कलम और कैमरे के ऐसे कारनामें दिखाए जिसके दम पर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सफर तय करते हुए खुद का अपना दमदार न्यूज़ चैनल कायम कर लिया। उनके हिंदी और अंग्रेजी दोनों न्यूज़ चैनल इस समय सर्वोच्च ऊंचाई पर दर्शकों द्वारा पसंद किए जा रहे हैं।

कुंडली में नीच भंग राजयोग इस तरह से हुआ है…

गुरु मकर राशि में नीच का है, और इस राशि पर उच्च का होने वाला ग्रह मंगल केंद्र स्थान में बैठा हुआ है। यह स्वगृही मंगल ही नीच भंग राजयोग बना रहा है और दसवें स्थान में बैठकर लग्न को बहुत ही मजबूती के साथ देख रहा है। ऐसा मंगल अपने आप में खुद भी बहुत प्रचंड तेवर वाला माना जाता है, जैसा कि हिंदुस्तान की जनता अरनव गोस्वामी के तेवर में देख रही है।

अब देखते हैं की वर्तमान में ऐसी कौन सी दशा चल रही है जिसके कारण अरनव गोस्वामी महाराष्ट्र सरकार के तमाम कारनामें लगातार उजागर कर रहे हैं, साथ ही बॉलीवुड में फैली तमाम गंदगियों को खोद कर हिंदुस्तान की जनता के सामने रख रहे हैं। बॉलीवुड का वह कीचड़ जो पिछले दो ढाई दशक से भीतर ही भीतर बजबजाता हुआ बहुत ज्यादा बदबूदार हो चुका था, उस गंदगी को ऊपर लाकर जनता के सामने बेनकाब कर रहे हैं अरनव गोस्वामी। अरनव की कुंडली में आखिर ऐसे कौन से ग्रहों के ऐसे योग हैं जिसके कारण वह जो सच्चाई सामने ला रहे हैं उससे पूरा बॉलीवुड और महाराष्ट्र सरकार एकजुट होकर उनके चैनल का मुंह बंद कराने की कोशिश में लगी हुई है ??

दरअसल अरनव की कुंडली में इस समय शनि की महादशा चल रही है, जिसमें बृहस्पति का अंतर है। शनी चंद्रमा से पांचवें स्थान में राशि कुंडली अर्थात कुंभ का स्वामी होकर केतु के साथ राजयोग बना रहा है।

#ज्योतिष_के_जानकार_अरनव_की_चंद्र_कुंडली_पर_गौर_करें राशि का स्वामी शनि दसवें स्थान में बैठे शुक्र से अष्टम बैठा हुआ है। अर्थात राशीष शनि और शुक्र का #षड़ाष्टक_योग कुंडली में मौजूद है। दसवां स्थान अर्थात सरकार (सत्ता) से इस समय कट्टर शत्रुता के योग बन रहे हैं और वह शत्रुता जगजाहिर है, पूरी दुनिया देख रही है।

परंतु क्योंकि बृहस्पति की अंतर्दशा है इसलिए अरणव को जनता का पूरा नैतिक समर्थन प्राप्त है। कोई भी कीमत चुकाने के लिए तैयार गोस्वामी कदम पीछे नहीं हटाएंगे। उनका बृहस्पति नीचभंग राजयोग बनाता है। बृहस्पति अर्थात धर्म का कारक, अर्थात नैतिकता का कारक।। यह बृहस्पति अर्णव को अल्टीमेटली विजय दिलाएगा, परंतु खतरे बहुत हैं। खतरे यहां तक कि इसी दौरान बृहस्पति की ही अंतर्दशा के दौरान उन पर प्राणघातक हमले भी हो सकते हैं।

ऐसा कोई भी हमला सरकार की ओर से नहीं, बल्कि बॉलीवुड में सक्रिय माफियाओं की तरफ से हो सकता है।

शुक्र ही बॉलीवुड का कारक है और अरनव को इस समय मुख्य रूप से शुक्र ही अपना शत्रु मान रहा है। शुक्र राहु से दृष्ट है, खूंखार राहु की 12वीं दृष्टि शुक्र पर है, और ऐसा राहु की राक्षसी ताकत लिए हुए त्रिपाद कुदृष्टि से शनि अर्थात जातक को देख रहा है। पर अर्नव का रक्षक सेनापति मंगल भी अपनी आठवीं दृष्टि से शुक्र को देख रहा है।

तो जाहिर है कि ऐसा शुक्र शनि के लिए खतरनाक तो होगा, अर्थात अरनव पर प्राणघातक हमले की तो पूरी आशंका है परंतु मंगल इस बार बृहस्पति के निर्देश पर (क्योंकि मंगल स्वयं बृहस्पति का नीचभंग कर रहा है इसलिए बृहस्पति की अंतर्दशा होने के कारण यह मंगल) अरनव का साथ देगा…. (अर्थात ईमानदार आईपीयस अधिकारी रक्षक बनेंगे) और ऐसी स्थिति में विजय अर्णव गोस्वामी की होगी….

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