क्या सच में सुब्रमण्यम स्वामी की पैरों की धूल नहीं है भाजपा वाले

Ab politics

एक कोई तेजिंदर पाल बग्गा है जो अपने ट्विटर हैंडल से किये एक ट्वीट में डॉ. स्वामी के लिए गिरगिट शब्द प्रयोग कर रहा है

बग्गा ने जब सुप्रीम-कोर्ट में घुस के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की ठुकाई की थी उस वक़्त बग्गा को सबसे ज्यादा संरक्षण व स्नेह डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी जी का ही मिला था
बग्गा के साथ उस वक़्त भाजपा भाजपाई नहीं बल्कि स्वामी सीना तान के ढाल बन के खड़े हुए थे
बग्गा अब भाजपाई हो गए हैं और दिल्ली विधानसभा चुनाव भी भाजपा के टिकिट पर अभी लड़ चुके हैं
और भाजपाई होने के बाद आज बग्गा के लिए स्वामी गिरगिट हो गए हैं

मेरी मित्र-सूची के और भी कुछ मित्र आज स्वामी जी को ट्रोल कर रहे हैं उनके लिए अपशब्द लिख रहे हैं …. अटल सरकार गिराने वाला गद्दार लिख रहे हैं …. पद का भूखा लिख रहे हैं ….

(ऐसी पोस्ट्स करने वाले मित्र बाकायदा भाजपा आईटी-सेल के आधिकारिक सदस्य हैं) ….
2014 में जब स्वामी अपनी पार्टी जनता दल के साथ भाजपा में विलय किये तब क्या आरएसएस भाजपा भागवत मोदी शाह और तत्कालीन भाजपाई राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ को मालूम नहीं था स्वामी अटल सरकार गिराने वाले गद्दार और पद के भूखें हैं ?? …. गिरगिट हैं वो भी रंग बदलने वाले ??

अगर मालूम था तो उस वक़्त स्वामी को भाजपा में क्यों लिया ??
या फिर स्वामी आज ही गद्दार गिरगिट पद के भूखे लगने लगे हैं ??

2014 में यूथ कांग्रेस केरल के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर एक गाय का बछड़ा काट के गौ-मांस पकाया था और खाया था

इस घटना को राष्ट्रीय मीडिया ने कवरेज किया था …. भाजपा ने इसे 2014 लोकसभा चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाया था …. हमने भी भाजपा/मोदी के समर्थन में यह वीडियो काफी वायरल किया था इसपे काफी ओजस्वी पोस्ट्स लिख के लानत मलानत की थी हमने कांग्रेस की ….
केरल के वामपन्थी मुस्लिम नेता अब्दुल्लाह-कुट्टी को प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करने के कारण पहले सीपीएम फिर कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया
फिर भाजपा ने अब्दुल्लाह-कुट्टी पर गंगाजल छिड़क के उसका पबित्तरिकरण कर दिया
तीन दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश जी नड्डा ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं पदाधिकारी मंडल का गठन किया है

अब्दुल्लाह-कुट्टी अब भाजपा के नए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाये हैं ….
सड़क पर गाय काटने वाले प्रदेश (केरल) के लोगों से तो भाजपा को प्रॉब्लम है लेकिन उसी प्रदेश के एक गाय खाने वाले मुस्लिम वामपन्थी/कांग्रेसी नेता से अब भाजपा को परहेज नहीं है
आगे केरल में विधानसभा चुनाव भी होने हैं और वहां मुस्लिम जनसंख्या भी अच्छी है तो केरल के भाई-जानों का विश्वास भी तो जीतना ही है
भाजपा को अब स्वामी पसन्द नहीं अब्दुल्लाह-कुट्टी पसन्द है
मन्ने बेबी को बेस पसन्द नहीं है
स्वामी अब गद्दार है
हिटलर मुसोलिनी स्टॉलिन माओ के समर्थक भी अपने वैचारिक विरोधियों या अपने से असहमत होने वालों को गद्दार कहा करते थे ….
खैर आज तारीख 29 सितम्बर है
1 ऑक्टोम्बर को मेरा राशन-डीलर दुकान खोलेगा
राशनकार्ड आधारकार्ड थैला रेडी कर लेता हूँ मुझे 5 किलो गेंहू 1 किलो चणा लेने भी तो जाना है मुफ्त वाला
ऑक्टोम्बर नवम्बर अभी 2 माह और मुफ्त मिलेंगे गेंहू चणा
7 ऑक्टोम्बर को स्थानीय भाजपा कार्यालय की एक बैठक का इनविटेशन आया पड़ा है
सुबह जल्दी जाना होगा मुझे 7:00 बजे और वहां झाड़ू लगा के दरियां बिछानी होगी
हो सकता है उस बैठक में स्वामी सरीखे किसी स्थानीय नेता को गद्दार बतला के हमें किसी स्थानीय कांग्रेसी वामपन्थी अब्दुल्लाह-कुट्टी का माला पहना के स्वागत करना पड़ जाए

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