जानिये कैसे मोदी-शाह की राजनीति ने यूपी में विरोधियो की नीद हराम कर दी है ?

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चंद्रशेखर रावण 10:00 बजे आजतक पर लाइव है ….
चंद्रशेखर रावण कौन ??
देश की राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में देश विरोधी नारे लगे थे वो भी सरकार की नाक के नीचे ….

इसमें 3 लड़के नेशनल हीरो बने
कन्हैया खालिद अनिर्बान
कन्हैया केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता गिरिराज सिंह के विरुद्ध लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं …. कन्हैया अनिर्बान खालिद आज राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित चेहरे हैं …. कौम के हीरो हैं …. कांग्रेसियों वामपंथियों समाजवादियों विपक्षियों के चहेते हैं ….
कुछ चेहरे गुजरात से हैं ….
हार्दिक अल्पेश जिग्नेश

हार्दिक अभी गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी पदाधिकारी है 2017 में गुजरात विधानसभा चुनावों से पूर्व भाजपा ने हार्दिक को पबित्तर करने हेतु उससे देशद्रोह के मुकदमे वापस लिए थे

अल्पेश जिग्नेश भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके अल्पेश ने गुजरात से बिहारियों को भगाया था मन्ने प्रांतीय हिंसा की थी …. अल्पेश फिर भाजपा में आ के पबित्तर हो गए और भाजपा से विधानसभा का उपचुनाव भी लड़े ….

इन सबको देश की मीडिया मन्ने राष्ट्रीय मीडिया ने हीरो बनाया था
राष्ट्रीय मीडिया ने ही शाहीन-बाग प्रोटेक्शन को बम्पर कवरेज दी थी

शाहीन-बाग प्रोटेस्ट के 200 लोग पबित्तर हो चुके
चंद्रशेखर रावण रोहित वेमुल्ला आत्महत्या प्रकरण से सुर्खियों में आये थे …. फिर वो उन्ना (गुजरात) आंदोलन से चर्चित हुए

पश्चिम उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में महाराणा प्रताप जयंती पर फैलाई जातिय हिंसा के बाद योगी सरकार ने रावण पर रासुका लगा दिया था ….
लेकिन कुछ समय बाद ही उत्तरप्रदेश सरकार ने रावण से रासुका हटा के उसे रिहा कर दिया गया ….
मैंने उसी दिन लिखा था यह भाजपा के मिशन 2022 का नया मोहरा है ….
रावण अक्सर भड़काऊ बयान व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयान देता रहता है ….
लेकिन ….

बात-बात में रासुका लगाने वाली उत्तरप्रदेश सरकार के राज में रावण पर कोई बड़ी कार्यवाही नहीं होती है ….
हाथरस में विपक्ष के नेताओं पर लाठियां चलती है लेकिन रावण पर नहीं चलती है सिर्फ खानापूर्ति के लिए एक मुकदमा दर्ज होता है (गिरफ्तारी नहीं हुई है) ….

अब आज रावण राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल पर लाइव आने लगे हैं ….
भीम आर्मी जैसा संगठन उन्होंने खड़ा किया है जिसके वो सुप्रीमो है ….
हाथरस प्रकरण को अब सवर्ण बनाम दलित कहा जाने लगा है …. इस्लामिक देशों से पीएफआई को फंडिंग वाला एंगल भी आ ही चुका है ….
पहले हिन्दू बनाम मुस्लिम अब सवर्ण बनाम दलित ….
यह नई पॉलिटिकल सोशल इंजीनियरिंग है ….

उत्तरप्रदेश विधानसभा के चुनाव वाकई रोमांचक होंगे ….

जो आये थे सत्ता में हिन्दुओं को संगठित करने व विधर्मियों को खदेड़ने वो अब सवर्ण दलित पिछड़ा अति-पिछड़ा खेलने लगे हैं ….

जहां विपक्षी सोचना बंद करते हैं मोदी शाह डोभाल भाजपा वहां से सोचना शुरू करते हैं!! .

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